नई‌ दाखरस

House of Prayer
Apr 22 · 1 minute read

(भाई चेरियन के फिलिप)

वचन : मत्ती 9:14-17

पुराने नियम में उपवास आमतौर पर शोक या पश्चाताप के समय में किया जाता था। उपवास करने वाला व्यक्ति या लोग उपवास के समय में परमेश्वर के करीब रहना चाहते थे; उनकी उपस्थिति को महसूस करना और उनको अनुभव करना चाहते थे। 

उपवास को पवित्रता का प्रतीक माना जाता है। वास्तव में उपवास एक आध्यात्मिक अनुशासन है जिसके विषय में चर्चा यीशु ने अपने पहाड़ी उपदेश में की है।

यूहन्ना के चेलों ने यीशु से एक प्रश्न पूछा था कि “क्या कारण है कि हम और फरीसी इतना उपवास करते हैं पर तेरे चेले उपवास नहीं करते?” यीशु ने उनसे कहा “ क्या बराती शोक कर सकते हैं, जब तक दूल्हा उनके साथ है? पर वो दिन आएंगे जब दूल्हा उनसे अलग किया जाएगा उस समय वे उपवास करेंगे।“ यूहन्ना के चेलों के प्रति यीशु की प्रतिक्रिया यह स्पष्ट करती है कि परमेश्वर के अनुयायी अब एक नए तरीके से परमेश्वर का अनुसरण करेंगे।

पहले परमेश्वर के अनुयायी परमेश्वर को खोजने और उसकी उपस्थिति महसूस करने के लिए उपवास करते थे;  परंतु अब परमेश्वर के अनुयायी यीशु के साथ रहकर परमेश्वर की उपस्थिति का अनुभव कर सकते हैं। 

इस प्रश्न के उत्तर में यीशु हमें उनकी शिक्षा को समझाने में मदद करने के लिए 3 दृष्टांत बताते हैं ।

उनका पहला उदाहरण एक शादी के उत्सव से है (V 15)

यीशु के अनुसार शादी के घर में अतिथि शादी होने के समय में शोक नहीं कर सकते। क्या आप कल्पना कर सकते हैं कि शादी के समय हर कोई उदास दिख रहा हो ? जब दूल्हा आता है तो वह समय जश्न मनाने का और अच्छा समय बिताने का होता है। इस दृष्टांत में यीशु दूल्हा है और उसके अनुयायी शादी के मेहमान हैं यीशु जो कह रहा है, वह यह है कि उन्हें परमेश्वर की उपस्थिति को महसूस करने के लिए उपवास करने की आवश्यकता नहीं है क्योंकि परमेश्वर उनके साथ देह में वहीं है। इसलिए यह आनंदित होने का समय है। 

दूसरा दृष्टांत नए और पुराने वस्त्रों की बात करता है (V 16)

कोरे कपड़े का पैबंद पुराने वस्त्र पर कोई नहीं लगाता क्योंकि वह पैबंद उस वस्त्र को और खींच लेता है और वह अधिक फट जाता है। यीशु एक बार फिर प्रदर्शित कर रहे हैं कि एक नया मार्ग सामने आया है।  पुरानी वाचा ने अपने उद्देश्य की पूर्ति की थी और नई वाचा के साथ उसका समझौता नहीं किया जाएगा।  वह दोनों एक साथ नहीं जाते।  

तीसरा दृष्टांत नई दाखरस को पुरानी मशकों में डालने की प्रक्रिया को दर्शाता है (V 17)

मशकें चमड़े से बनाई जाती है जिसमें दाखरस को लंबे समय तक रखा जाता है। जब नई दाखरस बनाई जाती है तो उसको सीधा मशकों में डाल दिया जाता । जैसे-जैसे दाखरस पुरानी होती जाती है, वैसे मशकें फैलने लगती है। जब दाखरस काफी पुरानी हो जाती है तो मशकें अधिकतम खुल जाती हैं। पुरानी मशकों में नया दखरस डालना मूर्खता होगी क्योंकि मशकें और फैल नहीं सकती इसलिए फट जाती हैं।

अंतिम दो दृष्टांतों का उपयोग यीशु ने यह प्रदर्शित करने के लिए किया कि परमेश्वर के अनुयायियों के लिए एक नया तरीका है और नए और पुराने को मिलाया नहीं जा सकता।

फरीसी व यूहन्ना और उनके शिष्य अभी भी पुराने रीति से काम कर रहे हैं। वह अनुष्ठानों, नियमों और परंपराओं का अनुसरण कर रहे हैं। 

यीशु पुरानी व्यवस्था की धार्मिकता को सुधारने नहीं आए और ना ही पुराने और नए तरीके को मिलाने आए, परंतु वह कुछ बिल्कुल नया लाए हैं ।

एक नया मार्ग आ गया है यीशु ने कहा “मैं ही नया मार्ग हूं!”

अब हमारा ध्यान उपवास रखना; भोजन के पहले हाथ धोना और माता-पिता के सम्मान की आज्ञा की उपेक्षा करते हुए मंदिरों में दान देने जैसे धार्मिक अनुष्ठानों पर नहीं होना चाहिए। अब हमारा पूर्ण ध्यान यीशु पर और उनके बताए हुए मार्गो के ऊपर ही होना चाहिए । 

बाइबल अनुसार नई दाखरस का महत्व:

  1. दाखरस पवित्र आत्मा और परमेश्वर के मार्गदर्शन को दर्शाता है

नए नियम में आत्मा से भरने की तुलना दाखरस पीने से की जाती है।   “दाखरस से मतवाले न बनो, क्योंकि इससे लुचपन होता है पर आत्मा से परिपूर्ण होते जाओ” (इफिसियों 5:18) विश्वासियों के लिए,  जीवन पवित्र आत्मा द्वारा निर्देशित, उसके द्वारा शासित और नियंत्रित होना चाहिए और हमारे जीवन के हर पहलू में उसकी अगुवाई और मार्गदर्शन के अधीन रहना चाहिए ।

  1. नई दाखरस परमेश्वर के साथ पुनः प्रज्वलित प्रेम और घनिष्ठता को दर्शाती है।

रीति रिवाज और अनुष्ठान हमें परमेश्वर के साथ घनिष्ठता से दूर ले जाते हैं। “मुझे खींच ले हम तेरे पीछे दौड़ेंगे। राजा मुझे अपने महल में ले आया है। हम तुझ में मगन और आनंदित होंगे; हम दाखमधु से अधिक तेरे प्रेम की चर्चा करेंगे;” (श्रेष्ठगीत 1:4)

परमेश्वर हमें उनके साथ घनिष्ठ संबंध बनाने के लिए आमंत्रित कर रहे हैं। “मैं तुम्हारी सबसे बड़ी खुशी होउंगा“ वे कहते हैं।  क्या वह हमारी सबसे बड़ी प्रसन्नता हैं?

  1. दाखरस को दबाव में बनाया जाता है।

दाखरस बनाने के लिए अंगूरों को कुंड (वाइनप्रेस) में कुचला जाता है और कभी-कभी लोग दाखरस निकालने के लिए अंगूरों पर चलते भी हैं। क्या आप कुचलने की प्रक्रिया से गुजर रहे हैं? क्या आप दूसरों के द्वारा कुचले गए हैं? आनंदित हो !  परमेश्वर आपको नई और स्वादिष्ट दाखरस में बदल रहे हैं।

  1. फसल का मौसम है।

अंगूर की कटाई का समय पूरे समुदाय के लिए बहुत खुशी और उत्सव का समय था (यिर्मयाह 48:33) और दाखरस बाइबिल में खुशी और उत्साह के साथ जुड़ा है (भजन संहिता 104:15, 2 यूहन्ना) कई आशीषें और इनाम भी नई दाखरस के साथ जुड़े हैं। (व्यवस्थाविवरण 7:12-13)

  1. यह चमत्कारों का मौसम भी है।  (यूहन्ना 2:10)

काना की शादी में यीशु ने पानी को दाखरस में बदल दिया। यीशु ने जो किया उससे हर कोई चकित था। जब दूल्हा मौजूद होता है, तो चमत्कार होते हैं। जब पतरस ने अपने आराम क्षेत्र से बाहर कदम रखा और यीशु की पुकार का जवाब दिया तो वह पानी पर चलने में सक्षम हो गया। विश्वास से हम अगला कदम उठाते हैं।

आइए, हम पवित्र आत्मा के अभिषेक के लिए अनुकूलनीय पात्र बनें। यीशु आपके सिर पर की राख दूर करके सुंदरता का ताज; विलाप दूर करके  हर्ष का तेल और उदासी हटाकर यश की ओढ़नी देना चाहता है (यशायाह 61:3)

अनुवादक :

अचला कुमार

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